मलमास क्या होता है / Malmas Kya Hota Hai?

मलमास क्या होता है – नमस्कार दोस्तो! स्वागत हैं आपका Techly360.com हिन्दी ब्लॉग में. और आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे Malmas Kya Hota Hai तो अगर आपके मन मे भी यही सवाल चल रहा था, तो इस सवाल का जवाब मैंने नीचे उपलब्ध करवा दिया हैं.

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क्या, कैसे, कहाँ, क्यों, है, आदि, जाने

मलमास क्या होता है / Malmas Kya Hota Hai?

दोस्तों! मलमास एक हिंदू धर्म संस्कृति में एक महत्वपूर्ण मास होता है. यह मास भारतीय हिंदू पंचांग (कैलेंडर) में वर्ष के मासों के अन्तर्गत आता है. मलमास का विशेष रूप से प्राचीन समय से धार्मिक और पौराणिक महत्व है. मलमास एक अतिरिक्त चांद्रमास है जो हर तीन साल में आता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, एक वर्ष में 12 चांद्रमास होते हैं, जो 354 दिनों के होते हैं. लेकिन सूर्य वर्ष 365 दिनों का होता है.

इसलिए हर तीन साल में एक अतिरिक्त चांद्रमास जोड़ा जाता है ताकि दोनों वर्षों के बीच का अंतर समाप्त हो सके. मलमास को मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है. इस महीने को भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है और इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है. मलमास में दान-पुण्य और व्रत-उपवास करना भी बहुत अच्छा माना जाता है.

मलमास में क्या करना चाहिए / Malmas Me Kya Khana Chahiye?

मलमास में कुछ काम करने का भी महत्व है. इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा करना, दान करना, व्रत करना, धार्मिक कार्य करना आदि शुभ माना जाता है. ऐसा करने से व्यक्ति को पुण्य फल मिलते हैं और उसे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. मलमास एक अवसर है कि हम भगवान विष्णु की पूजा करें, दान करें, व्रत करें और धार्मिक कार्य करें.

  • मलमास में कुछ शुभ काम जो आप कर सकते हैं –
  1. भगवान विष्णु की पूजा करें.
  2. दान करें.
  3. व्रत करें.
  4. धार्मिक कार्य करें.
  5. शास्त्रों का अध्ययन करें.
  6. भजन-कीर्तन करें.
  7. गंगा स्नान करें.
  8. तीर्थयात्रा करें.
  9. जरूरतमंदों की मदद करें.
  10. परोपकार करें.
  11. दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करें.
  12. क्रोध, घृणा, ईर्ष्या आदि बुरे भावों को त्यागें.
  13. मन को शांत रखें.
  14. ध्यान करें.

मलमास में क्या नहीं करना चाहिए / Malmas Me Kya Nahi Khana Chahiye?

मलमास या अधिकमास, हिंदू धर्म में एक विशेष महीना होता है. इसे हिन्दू पंचांग के अनुसार अशुभ मास मन जाता हैं. मलमास को भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है और इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा और आराधना की जाती है.

  • मलमास में निम्नलिखित काम नहीं करने चाहिए, जैसे –
  1. मलमास में किसी भी तरह का मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए. जैसे कि शादी, मुंडन, गृह प्रवेश आदि.
  2. मलमास में किसी भी तरह का नया काम शुरू नहीं करना चाहिए. जैसे कि नया घर खरीदना, नया वाहन खरीदना आदि.
  3. मलमास में किसी भी तरह का वाद-विवाद नहीं करना चाहिए.
  4. मलमास में किसी भी तरह का पाप नहीं करना चाहिए. जैसे कि चोरी, हत्या, झूठ आदि.
  5. मलमास में किसी भी तरह का मांस-मछली नहीं खाना चाहिए.
  6. मलमास में किसी भी तरह का नशीला पदार्थ नहीं लेना चाहिए.
  7. मलमास में किसी भी तरह का अश्लील व्यवहार नहीं करना चाहिए.

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मलमास क्या होता है – malmas kya hota hai
मलमास क्या होते हैं – malmas kya hote hai
मलमास किसे कहते हैं – malmas kise kahate hain
मलमास किसे कहा जाता है – malmas kise kaha jata hai
मलमास में क्या करना चाहिए – malmas me kya khana chahiye
मलमास में क्या नहीं करना चाहिए – malmas me kya nahi khana chahiye
मलमास में क्या दान करना चाहिए – malmas me kya daan karna chahiye
मलमास में क्या खाना चाहिए – malmas me kya khana chahiye
मलमास में क्या नहीं खरीदना चाहिए – malmas me kya nahi kharidna chahiye
मलमास में क्या नहीं खाना चाहिए – malmas me kya nahi khana chahiye
मलमास क्यों मनाया जाता है – malmas kyu manaya jata hai


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