सार लेखन और भाव पल्लवन में क्या अंतर है?

सार लेखन और भाव पल्लवन में क्या अंतर है – नमस्कार दोस्तो! स्वागत हैं आपका Techly360.com हिन्दी ब्लॉग में. और आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे “Saar Lekhan Or Bhav Pallavan Me Kya Antar Hain” तो अगर आपके मन मे भी यही सवाल चल रहा था, तो इस सवाल का जवाब मैंने नीचे उपलब्ध करवा दिया हैं.

दोस्तों आप मे से बहुत सारे दोस्तों ने इस सवाल का जवाब जानने के लिए गूगल असिस्टेंट से जरूर पूछा होगा की “ओके गूगल सार लेखन और भाव पल्लवन में क्या अंतर है”? और गूगल असिस्टेंट आपको इस सवाल से जुड़ी कई और सवाल और उसका उत्तर आपके साथ साझा करता हैं.

क्या, कैसे, कहाँ, क्यों, है, आदि, जाने

सार लेखन और भाव पल्लवन में क्या अंतर है?

दोस्तों भाव पल्लवन विशेष विस्‍तार या हम अति विस्तार जो की हमारे गद्य,श्लोक,पद्य, कथा आदि की पूरी तरह से व्‍याख्‍या करना जैसे कोंपल फूटना पैडो पर पनपना पोषण करना. और वही बात करें सार लेखन की तो किसी गद्य या पद्य में लिखित किसी भी प्रकार का भाव बहुत कम शब्दों में लिखना जैसे: मुख्‍याभिप्राय ,तत्त्व लेखन, निचोड़, कथन आदि से निकलने वाला मुख्‍य अभिप्राय होता है


निष्कर्ष – दोस्तों आपको यह “सार लेखन और भाव पल्लवन में क्या अंतर है – Saar Lekhan Or Bhav Pallavan Me Kya Antar Hain” का आर्टिकल कैसा लगा? निचे हमे कमेंट करके जरुर बताये. साथ ही इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर जरुर करे.