गोपियों द्वारा उद्धव को भाग्यवान कहने में क्या व्यंग्य निहित है?

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गोपियों द्वारा उद्धव को भाग्यवान कहने में क्या व्यंग्य निहित है?

दोस्तों! गोपियों द्वारा उद्धव को भाग्यवान कहने में यह व्यंग्य निहित है कि उद्धव वास्तव में भाग्यवान न होकर अति भाग्यहीन हैं. वे कृष्णरूपी सौन्दर्य तथा प्रेम-रस के सागर के सानिध्य में रहते हुए भी उस असीम आनंद से वंचित हैं. वे प्रेम बंधन में बँधने एवं मन के प्रेम में अनुरक्त होने की सुखद अनुभूति से पूर्णतया अपरिचित हैं.

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